🕚जटायु वाहन— जाटों के नायक कृष्ण थे। वे एक कर्मयोगी थे। इसलिए आर्य-ब्राह्मणों के ढोंग का हमेशा भण्डाफोर कर देते थे। तब जाट-समाज कृष्ण के इसारों पर ही चलता था। कृष्ण के बात ...
!!1!! आर्यों ने अग्नि-हवन परम्परा के बाद निराकार प्राकृति को साकार स्वरूप इंसान को "वायु देव" बनाकर उसे पुजने की परम्परा बनाई। साथ ही प्रशाद के रूप में श्रमणों के समक्ष नसीले सो...