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मूलनिवासी नायक

🕚जटायु वाहन— जाटों के नायक कृष्ण थे। वे एक कर्मयोगी थे। इसलिए आर्य-ब्राह्मणों के ढोंग का हमेशा भण्डाफोर कर देते थे। तब जाट-समाज कृष्ण के इसारों पर ही चलता था। कृष्ण के बात ...

ऋग्-भेद: भाग—1/2

!!1!! आर्यों ने अग्नि-हवन परम्परा के बाद निराकार प्राकृति को साकार स्वरूप इंसान को "वायु देव" बनाकर उसे पुजने की परम्परा बनाई। साथ ही प्रशाद के रूप में श्रमणों के समक्ष नसीले सो...

ऋग्-भेद: भाग—1/1

!!1!! जम्बुद्वीप के "स्वर्ग-नगरी/कश्मीर" मे पहुँचकर वहा बसने के इरादे से आर्यों ने बुद्ध सम्राट अग्नि-स्वयंभूव से निवेदन किया। !!2!! सम्राट अग्नि-स्वयंम्भूव की अनुमति से उसने वर्...